ये ज़रूरी नहीं कि कोई आपके पास रहे अथवा किसी से आपके जिस्मानी रिश्ते हों तभी प्यार पाक-सॉफ होता है अथवा मुहब्बत होती है,जिनको रिश्ते निभाने हों वो दूर रहकर भी रिश्ता निभा जाते हैं!बाकी तो बस एक बहाना है?
अर्ज़ है:-
Nazaron Se Koyi Kitna Bhi Door Kyun Na Ho,
Dil Mein Basana Chahiye.!
Muhabbat Jismaani Rishton Ki Mohtaz Nahin,
Dil Ka Rishta Hona Chahiye.!!

नज़रों से कोई कितना भी दूर क्यूँ ना हो,
दिल में बसना चाहिए.!
मुहब्बत जिस्मानी रिश्तों की मोहताज़ नहीं,
दिल का रिश्ता होना चाहिए.!!
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Source:: Mehfil101
True Love…
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